(N/A) अंशमेखला और श्रोणिमेखला उपांगीय कंकाल के भाग हैं जो क्रमशः अग्र और पश्च पादों को अक्षीय कंकाल के साथ जोड़ने में मदद करते हैं।
$1$. अंशमेखला: यह दो अर्धभागों से बनी होती है। प्रत्येक अर्धभाग एक $Clavicle$ (हंसली) और एक $Scapula$ (स्कंधास्थि) से बना होता है। $Scapula$ वक्ष के पृष्ठीय भाग में $2^{nd}$ और $7^{th}$ पसलियों के बीच स्थित एक बड़ी,त्रिकोणीय,चपटी हड्डी है। इसमें एक उभरी हुई रिज होती है जिसे $Spine$ कहते हैं,जो $Acromion$ नामक एक चपटे और विस्तारित प्रवर्ध के रूप में बाहर निकलती है। $Clavicle$ इस प्रवर्ध के साथ जुड़ती है। $Acromion$ के नीचे एक गड्ढा होता है जिसे $Glenoid$ $cavity$ कहते हैं,जो $Humerus$ के सिर के साथ जुड़कर कंधे का जोड़ बनाती है।
$2$. श्रोणिमेखला: यह दो कोक्सल हड्डियों (coxal bones) से बनी होती है। प्रत्येक कोक्सल हड्डी तीन हड्डियों के संलयन से बनती है: $Ilium$,$Ischium$ और $Pubis$। इन हड्डियों के संलयन बिंदु पर $Acetabulum$ नामक एक गुहा होती है जिससे जांघ की हड्डी $(Femur)$ जुड़ती है। श्रोणिमेखला के दोनों अर्धभाग अधर तल पर मिलकर $Pubic$ $symphysis$ बनाते हैं,जिसमें रेशेदार उपास्थि होती है।